घिर आयी बदरा झोंका कानों में बताए
देखो बारिश दिवानी जाने तेरी भावनाएँ
लडी छुई सी मुई सी पत्तो पत्तों से लिपटे
गिली मेहंदी की पायल बदन में यूँ खनके
चाँद हुआ है दिवाना चाहे बादलोंकी बाहें
देखो बारिश दिवानी जाने तेरी भावनाएँ
आँसमां की बेकरारी बढ गई है कितनी
बुंदों से लद गई है सज गई है ये जमीं
साँसे महकाए बुदो का संगीत सुनाए
देखो बारिश दिवानी जाने तेरी भावनाएँ
घिर आयी बदरा झोंका कानों में बताए
देखो बारिश दिवानी जाने तेरी भावनाएँ
मराठी गीत: शिल्पा देशपांडे
हिन्दी अनुवाद: तुषार जोशी, नागपूर
गुरुवार, मार्च 06, 2008
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